Posts

Showing posts from February, 2020

धर्म

भारत के संविधान के अनुसार भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है। धर्म निरपेक्ष के बजाय कुछ लोग पंथ निरपेक्ष शब्द का प्रयोग करते हैं। अंग्रेजी में यह सेक्युलर ही है। धर्म निरपेक्ष शब्द हो या पंथ निरपेक्ष। आशय यही है कि भारत राष्ट्र अपने नागरिकों में हिन्दू-मुस्लिम-बौद्ध-सिख-ईसाई-जैन-पारसी आदि के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा। क्या हिन्दू-इस्लाम-बौद्ध-सिख-ईसाई-जैन-पारसी-यहूदी आदि धर्म है अथवा पंथ? इसे जानने के लिए धर्म शब्द को समझना आवश्यक है। धर्म क्या है? धर्म से आशय क्या है? धर्म अर्थात क्या? क्या धर्म से आशय है कि मंदिर-मस्जिद-चर्च-गुरुद्वारा? क्या धर्म का अर्थ है पूजा-नमाज-प्रार्थना-ध्यान? क्या धर्म से आशय है जीवन पद्धति? क्या धर्म से आशय अपने आराध्य को मानने का ढंग है? क्या धर्म का अर्थ है किताब विशेष में लिखी हुई बातें?.... नहीं। ये सब धर्म की गलत व्याख्याएं हैं? धर्म का अर्थ है स्वभाव। धर्म का अर्थ है नैसर्गिक गुण। संसार मे प्रत्येक वस्तु, प्रत्येक जीव का अपना अलग धर्म है। पानी का धर्म है बहना। गंध का धर्म है हवा में घुल जाना। आग का धर्म है जलाना। वृक्ष का धर्म है आकाश घेरना। पत्थर का ...